स्वर्ग-
नरक एक रहस्य या वास्तविकता!!
लगभग सभी
धर्मों में स्वर्ग,
नरक, का वर्णन किया है|
स्वर्ग और नरक आदि उसी काल का इतिहास है, इस कारण इसमें वर्तमान की तरह प्रमाण तलाशना सत्य को झुटलाने का प्रयास ही कहा जा सकता है|
वाल्मीकि
रामायण में वर्णित स्थानों का सटीक वर्णन क्या काल्पनिक कहा जा सकता है| महाभारत वर्णित स्थान, पात्र काल्पनिक नहीं कहे जा
सकते|
महाभारत कथा के अंत में पांडव. युधिस्टर के स्वर्ग जाने का वर्णन है अत: निश्चय ही यह काल संभवत: स्वर्ग आदि स्थानों का अंतिम समय रहा, पश्चात कालीन समय में स्वर्ग नरक आदि स्थानों के नाम धीरे धीरे बदल गए| एसा ही आज कल देखा जाता है, एक अखंड भारत किस प्रकार पाकिस्तान और बंगला देश आदि जैसे कई राज्य और प्रदेशों के नाम से जाना जाने लगा है|
पौराणिक कहानियों और उनमें वर्णित पात्र, स्थान इतिहास और भूगोल ही है, जिसे किसी भी स्तिथि में काल्पनिक, कह कर नकारा नहीं जा सकता|



