Worship - It is beneficial to sit next to an effective personality. उपासना -प्रभावी व्यक्तित्व के पास बैठना लाभकारी।
उपासना के महत्त्व को समझ लें तो बहुत से रास्ते स्वयं खुल जाते हैं| अक्सर हमारे आस-पास के कई व्यक्ति इस उपासना का प्रत्यक्ष लाभ भी लेते पाए जाते हैं| हम देखते है, की कई व्यक्ति किसी बड़े नेता के साथ फोटो खिचवा कर रखते हैं, और उसका लाभ भी उठाते हें, कई उनसे सम्बन्ध होने का कह अपने कई कार्य सिद्ध करते देखे जाते है| व्यवहार में एसे लोगों को चतुर कहा जाता है| उपासना के लाभ का इससे बड़ा और क्या प्रमाण हो सकता है|
किसी भी सक्षम ओर प्रभाव शाली के पास बैठना
हमेशा लाभकारी होता है। सभी धर्मों में एक बात बड़ी सामान्य है, वह है उपासना, उपासना को चाहे कोई किसी भी नाम से
पुकारे अर्थ एक ही है- प्रेयर- प्रार्थना करना, नमाज पड़ना,
संगत, या और कुछ |
उपासना का अर्थ है, उप आसान या किसी के समीप बैठना| इसी बात को निम्न धृष्टान्त या कथा से आसानी से समझा जा सकता है|
राजा की उपासना से खोया धन किसान को कैसे मिला:-
"एक ब्राह्मण अपनी संचित संपत्ति एक महाजन के पास सुरक्षा की दृष्टि से रख
तीर्थाटन को गया। तीर्थयात्रा से लौटने पर महाजन से संपत्ति वापिस मांगी। महाजन के
के मन में बईमानी पैदा हुई और उसने कहा दिया तुमने मुझे कोई धरोहर नहीं दी। परेशान
ब्राह्मण राजा के पास पहुंचा, राजा ने पूछा जमा करते समय कोई
रसीद आदि नहीं ली थी क्या। ब्राह्मण ने महाजन पर विश्वास की बात कही तो राजा बोला
कि बिना प्रमाण संपत्ति पाना मुश्किल होगा, फिर भी कोशिश करते
हैं। राजा ने कहा कलतः मेरी सवारी बाजार से निकलेगी तुम महाजन की दुकान के पास खड़े
रहना।
अगले
दिन सवारी के समय राजा ने ब्राह्मण को महाजन की दुकान के सामने खड़े देख आवाज लगाई, पंडित जी आइये , ब्राह्मण को बुला कर राजा ने अपने
रथ पर बैठा लिया। थोड़ी दूर बाद राजा ने ब्राह्मण को रथ से उतार कर कहा मेने अपना
प्रयत्न कर दिया है, बाकी आपका भाग्य। महाजन ने यह दृश्य
देखा उसने मन में विचार किया कि अरे इस ब्राह्मण की तो राजा सेमित्रता है, वह डर गया, ओर तुरंत ब्राह्मण के घर जाकर बोला भाई
में भूल गया था तुम्हारी संपत्ति यह रही संभालों।"
इस
कथानक के पात्र ब्राह्मण को अन्य पात्र राजा जैसे मनुष्य के पास थोड़ी सी देर ही
बैठने या उप आसान पाने से ब्राह्मण को उसका धन वापस मिल गया।
यदि
हम परमात्मा रूपी,
ईश्वर के पास कुछ समय बैठें तो फिर क्या नहीँ मिल जाएगा।
याद
रखें किसी भी सक्षम ओर प्रभाव शाली के पास बैठना हमेशा लाभकारी होता है।
उपासना
के महत्त्व को समझ लें तो बहुत से रास्ते स्वयं खुल जाते हैं| अक्सर हमारे आस-पास
के कई व्यक्ति इस उपासना का प्रत्यक्ष लाभ भी लेते पाए जाते हैं| हम देखते है, की
कई व्यक्ति किसी बड़े नेता के साथ फोटो खिचवा कर रखते हैं, और उसका लाभ भी उठाते
हें, कई उनसे सम्बन्ध होने का कह अपने कई कार्य सिद्ध करते देखे जाते है| व्यवहार में एसे लोगों को चतुर कहा जाता है|
उपासना के लाभ का इससे बड़ा और क्या प्रमाण हो सकता है|
संगती या किसी के साथ बेठना (उपासना) हमारे व्यक्तित्व का भी प्रतीक है| शराबियों , जुआरियोंं के पास बैठे, और पंडित, मोलवी के पास, बैठे व्यक्त के विषय में आपकी सोच क्या होगी, यह प्रभाव सभी के अनुभव में आया ही होगा|
क्यों न हम प्रतिदिन कुछ समय अपने इष्ट ईश्वर, जिसे यशु, अल्लाह, भगवान देवी देवता, अवतार जिस नाम से भी आप जानते हें उनके साथ कुछ समय बेठे या उप आसन कर लाभ लें, तो कितना लाभ होगा यह समझाना मुश्किल नहीं| पर यह भी संजना ही होगा की जिस प्रकार हम किसी प्रभावशाली के नजदीक बैठकर उसके प्रति अपना पूर्ण समर्पण प्रघट करते है, और उसकी हर बात को अपने असमंजस छोड़कर यदि स्वीकार करते है, जसा कथा में ब्राह्मण ने राजा पर किया, तो कितना लाभ मिलेगा|
सोचें और करें|
अस्तु डॉ मधु सूदन व्यास
